पश्चिम एशिया में सुरक्षा के हालात बेहद खराब हो गए हैं। 7 जून 2026 को ईरान ने इसराइल की तरफ मिसाइलों की तीसरी खेप दाग दी है जिससे दोनों देशों के बीच संघर्ष काफी तेज हो गया है। इस हमले के बाद इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना ने भी मोर्चा संभालते हुए ईरान के कई ड्रोन मार गिराए हैं और उसके राडार ठिकानों को तबाह कर दिया है।
ईरान और इसराइल के बीच अचानक क्यों बढ़ा यह विवाद?
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने घोषणा की है कि यह सैन्य कार्रवाई इसराइल द्वारा दक्षिणी लेबनान पर किए गए हमलों के जवाब में शुरू की गई है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि अमेरिका द्वारा इसराइल को दी गई खुली छूट के बाद अब पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकाने और इसराइली संपत्तियां उनके निशाने पर हैं। ईरान ने धमकी दी है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो वह सीधे तौर पर दुश्मन का सामना करेगा। उधर जवाबी कार्रवाई करते हुए इसराइली सेना ने भी लेबनान के टायर शहर को खाली करने की चेतावनी जारी की है और उत्तरी इसराइल में 8 जून के लिए सभी स्कूलों को बंद कर दिया है।
इस पूरे मामले में अमेरिका और अन्य देशों का क्या रुख है?
अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में खतरा पैदा कर रहे दो ईरानी ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुल चार ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन को नष्ट किया है। अमेरिकी बलों ने इसके बाद ईरान के गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित तटीय निगरानी राडार ठिकानों पर सीधे हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई अंतिम शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर से प्रतिबंध नहीं हटाए जाएंगे। इस तनाव के बीच कतर ने अपनी हवाई सीमा पर पाबंदियां लागू कर दी हैं ताकि उड़ानें ईरान की समुद्री सीमा के पास से न गुजरें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान और इसराइल के बीच संघर्ष विराम खत्म हो गया है?
हां, दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को हुआ एक बेहद नाजुक संघर्ष विराम अब टूट चुका है और इस संघर्ष को चलते हुए 100 दिन पूरे हो चुके हैं।
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
अमेरिकी सेना ने चार ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया और ईरान के गोरुक तथा केशम द्वीप पर स्थित राडार ठिकानों पर सैन्य हमले किए हैं।
