ईरान में परमाणु समझौते को लेकर माहौल काफी गरमाया हुआ है। वहां के सांसदों ने अपनी बातचीत करने वाली टीम का खुलकर समर्थन किया है। सांसदों का कहना है कि कुछ बाहरी दुश्मन जानबूझकर इस प्रक्रिया में अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बातचीत बिगड़ जाए।

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ईरान ने अमेरिका को क्या नया प्रस्ताव दिया है?

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों के इस्लामाबाद जाने का प्लान रद्द कर दिया था और कहा था कि अगर ईरान बात करना चाहता है तो फोन कर सकता है। इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा। इस प्रस्ताव में ये बातें शामिल थीं:

  • Strait of Hormuz को दोबारा खोलना।
  • चल रहे विवाद और संघर्ष को खत्म करना।
  • परमाणु बातचीत को फिलहाल के लिए टालना और इसे बाद के चरण में करना।

रूस का दौरा और अमेरिका के कड़े प्रतिबंध

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi 27 अप्रैल 2026 को रूस पहुंचे जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ चर्चा की। इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान और ओमान का भी दौरा किया था। दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज ईरान के shadow fleet यानी गुप्त तेल टैंकरों का हिस्सा हैं।

ईरान के अंदरूनी हालात और सरकारी रुख

ईरान के नेताओं के बीच अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर आपसी मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, 19 अप्रैल 2026 को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने यह साफ कर दिया था कि बातचीत करने वाली टीम किसी भी तरह की ढील या समझौता नहीं करेगी। संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।