ईरान के दिवंगत नेता Ali Khamenei का पार्थिव शरीर तेहरान के Grand Mosalla धार्मिक परिसर में पहुँच चुका है। इस मौके पर ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल द्वारा मुसलमानों पर किए जा रहे ज़ुल्म को खत्म करना ही असल बदला होगा।
गालिबफ़ ने लोगों से खमनेई के जनाज़े में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बदला लेने की देश की आवाज़ पूरी दुनिया के कानों तक पहुँचनी चाहिए। बता दें कि Ali Khamenei की मौत फरवरी में अमेरिका और इसराइल के हमलों में हुई थी और उनके अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से शुरू होंगी।
इस मौके पर कई देशों के बड़े नेता भी शामिल हो रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif 3 से 5 जुलाई के बीच जनाज़े में शामिल होने के लिए पहुँच रहे हैं। वहीं चीन के प्रतिनिधि He Wei ने भी गालिबफ़ से मुलाकात की और रणनीतिक रिश्तों को मज़बूत करने की बात कही।
ईरान ने अमेरिका को Strait of Hormuz में दखल न देने की चेतावनी भी दी है। गालिबफ़ ने साफ किया कि इस व्यापारिक रास्ते पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। ईरान ने चीनी जहाजों के लिए रास्तों की समस्या सुलझा ली है और समुद्री ट्रैफिक के लिए Oman के साथ एक समझौता भी किया है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी पर नाराज़गी जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने पहले गालिबफ़ और अराघची को इसराइल द्वारा हत्या की कोशिशों के बारे में चेतावनी दी थी ताकि बातचीत की प्रक्रिया खराब न हो।
