ईरान अपने शहीद लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। सरकार ने अंतिम संस्कार और शोक सभाओं की पूरी समय-सारणी जारी कर दी है। सुरक्षा कारणों से यह कार्यक्रम करीब 100 दिन बाद आयोजित किए जा रहे हैं।
अंतिम विदाई का पूरा शेड्यूल
- 4 और 5 जुलाई: तेहरान के Grand Mosalla में आम जनता विदाई दे सकेगी।
- 6 जुलाई: तेहरान में मुख्य जुलूस निकलेगा। इस मौके पर तेहरान प्रांत में तीन दिन की सरकारी छुट्टी रहेगी। इस जुलूस में लीडर के साथ चार अन्य शहीदों—डॉ. मेस्बाह-ओल-होदा बगेरी, सैयदह बुशरा हुसैन खामेनेई, ज़हरा हदाद आदिल और ज़हरा मोहम्मदी गोलपयगानी को भी ले जाया जाएगा।
- 7 जुलाई: पवित्र शहर Qom में नमाज और शोक सभाएं होंगी।
- 8 जुलाई: इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला में अलग से जुलूस निकाला जाएगा।
- 9 जुलाई: मशहद के Imam Reza Shrine में अंतिम संस्कार और दफन की प्रक्रिया पूरी होगी।
करोड़ों लोगों के जुटने की उम्मीद
ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि देशभर में करीब 3.5 करोड़ लोग इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अकेले तेहरान में 60 लाख से 1.7 करोड़ लोग जुट सकते हैं। Qom में 30 से 50 लाख और मशहद में 35 लाख से 80 लाख लोगों के आने की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि यह आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी अंतिम विदाई सभा होगी।
भीड़ को संभालने के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। तेहरान में करीब 19 लाख गाड़ियों के आने का अनुमान है, जिसके लिए सड़क बंद करने और ट्रैफिक के नए नियम बनाए गए हैं।
आधिकारिक जानकारी और उत्तराधिकारी
ईरान की कैबिनेट ने लीडर की शहादत के बाद 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों की आधिकारिक छुट्टी घोषित की थी। इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी IRGC कमांडर हसन हसनज़ादेह को दी गई है। संसद के डिप्टी स्पीकर हमीदरेज़ा हजीबाबाई ने कहा कि यह कार्यक्रम ईरान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ताकत को दिखाएगा।
इन कार्यक्रमों का मुख्य नारा “We Must Rise” और अंतरराष्ट्रीय नारा “Qūmū lillāh” रखा गया है। साथ ही, यह भी जानकारी दी गई कि लीडर की शहादत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है।
