इस्लामिक क्रांति के नेता अयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा हुसैनी खमेनेई ने हिजबुल्लाह के प्रति ईरान के समर्थन को एक रणनीतिक जनादेश घोषित किया है। यह जानकारी 26 जुलाई 2026 को सामने आई, जब उन्होंने हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम को लिखे एक आधिकारिक पत्र में इस बात की पुष्टि की। पत्र में उन्होंने इजरायल के आक्रामक रुख के खिलाफ हिजबुल्लाह की मजबूती और उनके संकल्प की सराहना की है।
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ईरान की विदेश नीति में निरंतरता
मुज्तबा खमेनेई ने साफ किया कि यह नीति दिवंगत नेता इमाम सय्यद अली खमेनेई द्वारा तय किए गए रास्तों के अनुरूप है। ईरान सरकार का मानना है कि हिजबुल्लाह जैसे समूहों की रक्षा करना उनका रणनीतिक कर्तव्य है। यह समर्थन इजरायल और अमेरिका जैसी ताकतों के खिलाफ ईरान की क्षेत्रीय नीति का एक हिस्सा है, जिसे IRNA न्यूज़ एजेंसी ने भी रिपोर्ट किया है।
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने अपना रुख स्पष्ट किया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी मुज्तबा खमेनेई ने हिजबुल्लाह को संदेश भेजा था, जिसमें क्षेत्रीय प्रतिरोध मोर्चे के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता दोहराई गई थी। उस समय यह संवाद अली खमेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने के जवाब में किया गया था। ईरान इस नीति को इस्लामिक दुनिया के विरोधियों के खिलाफ एक जरूरी कदम के तौर पर देखता है।
