ईरान के धार्मिक और वैज्ञानिक नेताओं ने की Pope Leo XIV की तारीफ, अमेरिका और इसराइल के खिलाफ उनके रुख का जताया समर्थन

ईरान के धार्मिक और वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रमुखों ने Pope Leo XIV को एक साझा पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के खिलाफ पोप के साहस भरे रुख की तारीफ की है। नेताओं को उम्मीद है कि इस तरह के समर्थन से दुनिया में चल रहे युद्ध और हिंसा को रोकने में मदद मिलेगी।

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पत्र में पोप की किन बातों की तारीफ की गई?

पत्र में बताया गया कि पोप ने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान में मासूम लोगों की हत्या और हमलों की कड़ी निंदा की है। इसमें 28 फरवरी को शुरू हुए हमले का जिक्र किया गया, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशन के लीडर Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की हत्या हुई और आम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया। ईरान के नेताओं ने इस बात की सराहना की कि पोप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के राजनीतिक दबाव के आगे घुटने नहीं टेके।

हिंसा और युद्ध के असर पर क्या कहा गया?

पत्र लिखने वालों ने कहा कि अमेरिका के समर्थन वाली इसराइली सरकार ने पिछले तीन सालों में कई देशों पर हमले किए हैं। इसकी वजह से गाज़ा, लेबनान, सीरिया, ईरान, इराक, यमन और कतर में हज़ारों मासूम लोग मारे गए हैं। Pope Leo XIV ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पश्चिम एशिया में हिंसा बढ़ रही है और उन्होंने हथियारों के बजाय बातचीत और समझदारी का रास्ता अपनाने की सलाह दी थी।

विवरण जानकारी
पत्र भेजने की तारीख 18 अप्रैल 2026
किसे लिखा गया Pope Leo XIV
किसने लिखा ईरान की धार्मिक और वैज्ञानिक संस्थाएं
हमले की शुरुआत 28 फरवरी
प्रमुख नुकसान Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की हत्या
प्रभावित देश गाज़ा, लेबनान, सीरिया, ईरान, इराक, यमन, कतर
पोप की सलाह हथियारों के बजाय बातचीत और संयम