ईरान इस समय एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान इस बात को लेकर काफी परेशान है कि आखिर उसका असली लीडर कौन है। देश के अंदर सत्ता को लेकर चल रही खींचतान ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
ईरान में कौन है असली लीडर और क्या है विवाद?
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को मौत हो गई थी। इसके बाद 8 मार्च 2026 को मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक मुजतबा की पकड़ अभी मजबूत नहीं हुई है। अब देश में IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के कड़े गुटों का दबदबा है। जनरल अहमद वहिदी को इस समय ईरान का असली ताकतवर लीडर माना जा रहा है और वहिदी ही अकेले ऐसे अधिकारी हैं जिनकी पहुंच नए सुप्रीम लीडर तक है।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान और अमेरिका का दबाव
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ईरान को कई चेतावनी दी हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे ईरान के पुलों और बिजली घरों को तबाह कर देंगे। दूसरी तरफ उन्होंने एक 10 पॉइंट वाले शांति प्लान और युद्धविराम की बात भी की है। अमेरिका अब ईरान से एक साफ और ठोस जवाब मांग रहा है ताकि आगे के कदम तय किए जा सकें।
ईरान की सेना और सरकार में क्यों है टकराव?
ईरान की अंदरूनी स्थिति काफी खराब है। वहां की मुख्य सेना (Artesh) और IRGC के बीच तालमेल की भारी कमी है। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, जो देश की सुरक्षा के फैसले लेती है, वह अब ठीक से काम नहीं कर रही है। अलग-अलग ताकतवर गुट आपस में लड़ रहे हैं, जिसकी वजह से देश में कोई भी बड़ा फैसला लेना मुश्किल हो गया है और प्रशासन पूरी तरह बिखरा हुआ है।
