ईरान में चल रहे युद्ध और बड़े स्तर पर हुए हमलों ने देश की कमान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद अब उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है। पिछले कुछ दिनों में इजरायली हमलों में ईरान के कई कद्दावर मंत्री और सुरक्षा प्रमुख मारे गए हैं, जिससे पूरी शासन व्यवस्था में भारी बदलाव देखने को मिल रहा है।

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ईरान के नए नेतृत्व और मुजतबा खामेनेई का चयन

अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में एक अंतरिम परिषद बनाई गई थी, जिसमें राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और चीफ जस्टिस शामिल थे। इसके बाद ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने बैठक की और 9 मार्च 2026 को मुजतबा खामेनेई के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया। हालांकि, उनके चयन को लेकर ईरान के भीतर ही कुछ सवाल उठ रहे हैं।

  • मुजतबा खामेनेई पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे हैं।
  • उनका चयन युद्ध और भारी उथल-पुथल के बीच किया गया है।
  • कुछ धार्मिक नेताओं ने उनके अनुभव और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।
  • विरोधियों का कहना है कि यह एक तरह का पारिवारिक शासन है जो नियमों के खिलाफ है।

इजरायली हमलों में मारे गए बड़े ईरानी अधिकारी

इजरायल की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों में ईरान के रक्षा और खुफिया विभाग के सबसे बड़े चेहरे खत्म हो गए हैं। इजरायली डिफेंस मिनिस्टर का कहना है कि ईरान में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है और हर कोई उनके निशाने पर है। हाल ही में मारे गए बड़े अधिकारियों की जानकारी नीचे दी गई है:

अधिकारी का नाम पद हमले की तारीख
Ali Khamenei पूर्व सुप्रीम लीडर 28 फरवरी 2026
Esmail Khatib खुफिया मंत्री 18 मार्च 2026
Ali Larijani सुरक्षा प्रमुख 17 मार्च 2026
Gholamreza Soleimani Basij कमांडर 17 मार्च 2026
Aziz Nasirzadeh रक्षा मंत्री फरवरी 2026

मौजूदा स्थिति और ऊर्जा संकट का खतरा

ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की धमकियां लगातार दी जा रही हैं। 19 मार्च को ईरान ने क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की चेतावनी दी है। हमलों की वजह से दुनिया भर में गैस और तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके साथ ही Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है जिससे ग्लोबल ट्रेड पर असर पड़ सकता है। अमेरिका का मानना है कि इन हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफी हद तक प्रभावित हुआ है।