Iran News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और कमांडर अहमद वाहिदी के बीच बढ़ी दरार, अमेरिका ने किया बड़ा दावा.

अमेरिका के अधिकारियों ने 9 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान दिया है जिसके मुताबिक ईरान के अंदरूनी हालात काफी तनावपूर्ण चल रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कमांडर अहमद वाहिदी के बीच सत्ता हासिल करने को लेकर भारी खींचतान चल रही है। इस बात की जानकारी सबसे पहले सऊदी न्यूज के एक ट्वीट से सामने आई थी जिसमें एक्सियोस की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था। इससे पहले मई 2026 में भी ऐसी ही रिपोर्ट्स आई थीं जिनमें ईरान के वार्ताकारों और सेना के बीच तीखे मतभेदों की बात कही गई थी।
आर्थिक संकट और सैन्य कार्रवाई पर मतभेद
दोनों नेताओं के बीच यह विवाद मुख्य रूप से इस बात पर है कि देश में चल रहे संघर्षों की वजह से जो आर्थिक तंगी आ रही है, उसे कैसे संभाला जाए। इसके अलावा सेना कितनी आक्रामक कार्रवाई करे, इस पर भी दोनों की राय बिल्कुल अलग है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन बातचीत के रास्ते को अपनाना चाहते हैं और उनका साफ कहना है कि अगर जल्द से जल्द युद्ध विराम नहीं हुआ, तो ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बैठ जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब उनकी सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के बड़े फैसलों से दूर रखा गया, तो उन्होंने कई बार अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी भी दी थी। हालांकि 6 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने विदेशी मीडिया की उन खबरों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया था जिनमें सुप्रीम लीडर मोइतबा खामेनेई के साथ उनके मतभेदों की बात कही गई थी। उन्होंने इन खबरों को कुछ लोगों द्वारा फैलाई गई झूठी कहानियां बताया था।
सुप्रीम लीडर का अल्टीमेटम और कमांडर वाहिदी का दबदबा
राष्ट्रपति के इन बयानों के बावजूद अगस्त की शुरुआत में कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स से यह साफ पता चला कि देश के अंदर सत्ता का संघर्ष बहुत गहरा चुका है। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम लीडर मोइतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन को एक आखिरी चेतावनी दी है और कूटनीतिक वार्ताओं तथा युद्ध से जुड़े खास फैसलों में IRGC कमांडर अहमद वाहिदी को पूरी ताकत दे दी है। अहमद वाहिदी को 1 मार्च 2026 को IRGC का कमांडर इन चीफ बनाया गया था और वह बहुत कड़ा रुख अपनाते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति पेजेश्कियन की उन मांगों को पूरी तरह ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने ज्यादा प्रशासनिक अधिकार मांगे थे। अब सामरिक मामलों में और खासकर अमेरिका के साथ रिश्तों के मामले में वाहिदी का प्रभाव सबसे ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा 8 अगस्त 2026 को सुप्रीम लीडर खामेनेई के बारे में भी कई तरह के सवाल उठे थे क्योंकि कुछ सूत्रों का दावा था कि वह देश में मौजूद नहीं थे और उनकी तरफ से आधिकारिक बयान अहमद वाहिदी तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी तैयार कर रहे थे। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी 9 अगस्त 2026 को एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में साफ किया कि वह नया सैन्य हमला करने के बजाय ईरान पर आर्थिक दबाव को और ज्यादा बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस पूरी स्थिति से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी आप Axios की रिपोर्ट पर जाकर देख सकते हैं।