ईरान के अंदरूनी हालात अब पूरी तरह बदल चुके हैं। वहां की सत्ता अब सीधा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में आ गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब देश के बड़े और युद्ध से जुड़े फैसले सेना के जनरल ले रहे हैं, जिससे अमेरिका और इसराइल के साथ तनाव और बढ़ सकता है।

👉: Bahrain की सुरक्षा के लिए UAE ने बढ़ाया हाथ, शेख अब्दुल्ला बिन जायद बोले- बहरीन सुरक्षित रहेगा तभी हम सुरक्षित रहेंगे

ईरान में अब कौन चला रहा है सरकार?

ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान की कमान अब Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने संभाल ली है। पहले के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता का पूरा ढांचा बदल गया। अब नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei तो हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि वो सिर्फ सेना के फैसलों को कानूनी मान्यता देते हैं। उन्हें काफी समय से जनता के सामने नहीं देखा गया है और खबरें हैं कि वो चोटिल हैं, इसलिए वो सिर्फ ऑडियो या सहायकों के जरिए बात कर रहे हैं।

प्रेसिडेंट की हालत और अमेरिका को सीधी चेतावनी

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian फिलहाल पूरी तरह से राजनीति से बाहर हो चुके हैं। IRGC ने सरकारी कामकाज और नियुक्तियों पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिससे राष्ट्रपति के पास कोई असली ताकत नहीं बची है। इसी बीच, IRGC ने साफ कर दिया है कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में विदेशी ताकतों, खासकर अमेरिका की कोई जगह नहीं है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में शिपिंग पर अपना कंट्रोल मजबूत करने का ऐलान किया है और कहा है कि विदेशी ताकतें इस पानी की गहराई में ही मिलेंगी।

परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम पर क्या है नया अपडेट?

सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपने परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को पूरी मजबूती से जारी रखेगा और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। पूर्व अमेरिकी वार्ताकार Aaron David Miller का कहना है कि ईरान की सरकार अब ‘धार्मिक शक्ति’ (Divine Power) से हटकर पूरी तरह ‘हार्ड पावर’ (Hard Power) बन चुकी है, जिसका मतलब है कि अब वहां क्लैरिक्स से ज्यादा सेना की चलेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में सत्ता का बदलाव कैसे हुआ?

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद IRGC ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। अब सैन्य जनरल ही देश के मुख्य फैसले ले रहे हैं।

क्या ईरान के राष्ट्रपति के पास अब भी पावर है?

नहीं, राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian पूरी तरह साइडलाइन हो चुके हैं और IRGC ने सरकारी फैसलों और नियुक्तियों को अपने कंट्रोल में ले लिया है।