Iran Leadership Update: अमेरिका के दबाव में ईरान की बड़ी चाल, एकजुट दिखने के लिए नेताओं ने मिलाया हाथ
अमेरिका के एक थिंक टैंक ने ईरान के अंदरूनी हालात पर एक बड़ी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के बड़े नेता बाहरी दबाव और डोनाल्ड ट्रम्प के संदेशों की वजह से अब एकजुट दिखने की कोशिश कर रहे हैं। यह पूरी कोशिश इसलिए की जा रही है ताकि दुनिया और देश के अंदर के अलग-अलग गुटों को यह संदेश मिले कि ईरान का नेतृत्व पूरी तरह एक है।
ईरान के बड़े नेताओं ने अचानक एकजुटता क्यों दिखाई?
23 अप्रैल 2026 को ईरान की सरकार के तीन मुख्य अंगों के प्रमुखों—संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई ने एक साथ बयान जारी किए। इन नेताओं ने इस्लामिक क्रांति के प्रति अपनी वफादारी जताई और “एक खुदा, एक राष्ट्र, एक नेता और एक रास्ता” का नारा दिया। ISW का मानना है कि यह सब डोनाल्ड ट्रम्प के संदेशों के बाद किया गया एक सोची-समझी कोशिश थी ताकि अंदरूनी झगड़ों को खत्म किया जा सके।
क्या सुप्रीम लीडर मोजताबा खामेनेई का प्रभाव कम हुआ है?
न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए ISW ने दावा किया कि सुप्रीम लीडर मोजताबा खामेनेई युद्ध के दौरान लगी चोटों की वजह से फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह अब पूरी तरह से IRGC कमांडरों, खासकर मेजर जनरल अहमद वहिदी के मार्गदर्शन पर निर्भर हैं। वहिदी का मानना है कि अमेरिका के साथ बातचीत करना फिलहाल बेकार है और वह परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के हक को प्राथमिकता देते हैं।
ईरान के अंदर बातचीत और सख्त रुख को लेकर क्या विवाद है?
ईरान के भीतर इस बात पर खींचतान चल रही है कि अमेरिका से बात करनी चाहिए या नहीं। जहाँ जनरल वहिदी सख्त रुख रखने और सैन्य ताकत को ऊपर रखने के पक्ष में हैं, वहीं राष्ट्रपति पेज़ेशकियन और अराघची का मानना है कि बातचीत ज़रूरी है। उनका कहना है कि युद्ध में करीब 300 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए बातचीत से मिलने वाले आर्थिक फायदे बहुत ज़रूरी हैं।