ईरान और इज़राइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। लेबनान में हो रही हिंसा ने संघर्ष विराम की उम्मीदों को गहरे संकट में डाल दिया है। ईरान ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में खून-खराबा बंद नहीं हुआ, तो कोई भी समझौता काम नहीं करेगा। इस बीच अमेरिका और इज़राइल का दावा है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा था ही नहीं।

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लेबनान में क्या हुआ और ईरान क्यों है नाराज़?

8 अप्रैल 2026 को इज़राइल ने लेबनान में अपने हवाई हमले तेज कर दिए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अकेले बुधवार को 254 लोग मारे गए और 1,165 लोग घायल हुए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर ग़ालिबफ़ ने कहा कि लेबनान युद्धविराम का अभिन्न अंग है। उनके मुताबिक, इज़राइल के हमलों ने बातचीत को बेकार कर दिया है और इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

अमेरिका और इज़राइल का इस पर क्या कहना है?

अमेरिका और इज़राइल दोनों ने इस बात से साफ़ इनकार किया है कि लेबनान संघर्ष विराम समझौते में शामिल था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान को समझौते से बाहर रखा गया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे ईरान की एक गलतफहमी बताया। वहीं इज़राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की कि वे हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेंगे, चाहे संघर्ष विराम हो या न हो।

हालिया घटनाक्रम और आने वाली बैठक की स्थिति

तारीख/घटना विवरण
7 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम की घोषणा की
8 अप्रैल 2026 लेबनान में इज़राइली हमले, 254 लोगों की मौत हुई
9 अप्रैल 2026 ईरान, अमेरिका और इज़राइल ने परस्पर विरोधी बयान दिए
11 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत होनी है
ताज़ा कार्रवाई हिजबुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल पर 30 प्रक्षेप्य दागे
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Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.