ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने लेबनान में युद्ध रोकने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से बात करते हुए कहा कि लेबनान में युद्धविराम होना उतना ही ज़रूरी है जितना कि ईरान में. इस मामले को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ गए हैं, जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है.

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ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद है?

ईरान का दावा है कि पिछले हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते में लेबनान को भी शामिल किया जाना था. लेकिन अमेरिका इस बात से इनकार कर रहा है और उसका कहना है कि लेबनान और इसराइल को अपनी बातचीत खुद करनी चाहिए. इस विवाद में पाकिस्तान ने ईरान का समर्थन किया है और कहा है कि लेबनान और ईरान के सहयोगी समूह इस समझौते का हिस्सा हैं और यह बात तय है.

लेबनान के मौजूदा हालात और अन्य अपडेट्स क्या हैं?

लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने जानकारी दी कि इसराइल के सैन्य ऑपरेशंस की वजह से 12 लाख से ज़्यादा लेबनानी नागरिक अपने घर छोड़कर विस्थापित हो चुके हैं. दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान के तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े 29 संगठनों पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने नई बातचीत के लिए शर्त रखी है कि ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलना होगा.

मुख्य बिंदु विवरण
गालिबाफ का बयान लेबनान में शांति ईरान के लिए उतनी ही ज़रूरी है
विस्थापित लोग लेबनान में 12 लाख से अधिक नागरिक बेघर
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (US-Iran बातचीत में मुख्य भूमिका)
युद्धविराम समयसीमा मौजूदा समझौता 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है
अमेरिका की शर्त Strait of Hormuz को फिर से खोलना होगा
अमेरिकी प्रतिबंध 29 ईरानी संस्थाओं पर तेल तस्करी के आरोप में प्रतिबंध
सैन्य कार्रवाई इसराइल ने दक्षिण लेबनान का आखिरी पुल नष्ट किया
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com