पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौता हुआ है। इसी सिलसिले में ईरान के संसद स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf और लेबनान के संसद स्पीकर Nabih Berri ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने लेबनान की संप्रभुता को बनाए रखने और समझौते की शर्तों को पूरा करने की मांग की है।

ईरान और लेबनान के इन बड़े नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शांति समझौते के तहत जो बातें तय हुई थीं, उन्हें सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरूत की आजादी और उसके अधिकारों की रक्षा करना बहुत जरूरी है।

यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस समझौते से जुड़ा है जिसका मकसद पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई और दुश्मनी को खत्म करना है। दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार किया गया था ताकि इलाके में शांति लौट सके।

Mohammad-Bagher Ghalibaf और Nabih Berri का मानना है कि जब तक समझौते में लिखी गई बातों पर पूरी तरह अमल नहीं होगा, तब तक स्थिरता आना मुश्किल है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लेबनान की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।