Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सेवा शुल्क किया अनिवार्य, तनाव बढ़ा.

ईरान ने पिछले कुछ दिनों में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए आधिकारिक तौर पर सर्विस फीस लागू कर दी है। इस नए नियम के तहत अधिकृत देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से निकलने के लिए भुगतान करना होगा। नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के प्रवक्ता Ebrahim Rezaei ने जानकारी दी कि इन शुल्कों का उपयोग समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, नेविगेशन और बीमा जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। जहाज मालिक इस शुल्क का भुगतान ईरानी रियाल या ईरान की पसंद की अन्य मुद्राओं में कर सकते हैं। इस फैसले की पुष्टि पार्लियामेंट्री नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के प्रवक्ता Hassan Qashqavi ने भी की है।
कूटनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक हालात काफी गर्म चल रहे हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता और अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और कोई भी देश इस पर टोल या शुल्क नहीं लगा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस मार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा किया था और पहले नौसैनिक सुरक्षा के एवज में 20 प्रतिशत कार्गो लेवी का सुझाव दिया था। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन International Maritime Organization का यह भी कहना है कि अनिवार्य ट्रांजिट फीस अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती है।
समुद्री यातायात और सुरक्षा चिंताएं
विवादों और अनिश्चितता के बावजूद पिछले दो हफ्तों में इस जलमार्ग से जहाजों के आने-जाने में लगभग 400% की वृद्धि देखी गई है। कई जहाजों ने संभावित शुल्कों से बचने के लिए ओमान के पास के गलियारों का इस्तेमाल किया है या फिर अपने ट्रैकिंग सिस्टम को बंद कर दिया है। इस बीच, बातचीत के लिए तय की गई 60-day की समय सीमा बिना किसी समाधान के समाप्त हो गई है। पिछले एक हफ्ते के दौरान ईरानी बलों द्वारा पांच जहाजों को निशाना बनाए जाने की भी खबर है, जिसमें दो नाविक घायल हुए या मारे गए, हालांकि सभी जहाज अभी भी पानी में तैर रहे हैं। इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं और दुनिया भर की अन्य खबरों के लिए ANI World Category देख सकते हैं।