ईरान के Mazandaran प्रांत में 30 मार्च 2026 की सुबह एयर डिफेंस सिस्टम और एयर फोर्स मुख्यालय को निशाना बनाकर भारी बमबारी की गई है। उत्तरी ईरान के लोगों ने आसमान में लड़ाकू विमानों की भारी हलचल महसूस की और सुबह करीब 7 बजे Nowshahr शहर में तेज धमाके सुने गए। इस हमले के बाद तेहरान समेत कई इलाकों में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

हमले में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

इजरायली सेना ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों की पुष्टि की है और बताया है कि उनके दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। मुख्य रूप से निम्नलिखित ठिकानों को निशाना बनाया गया है:

  • ईरान के Mazandaran प्रांत में स्थित एयर डिफेंस सिस्टम।
  • हथियारों के रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी फैसिलिटी।
  • बैलिस्टिक मिसाइलों को स्टोर करने और लॉन्च करने वाली जगहें।
  • तेहरान के आसपास स्थित महत्वपूर्ण सैन्य बुनियादी ढांचे।

इन हमलों के कारण तेहरान के कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई भी कुछ समय के लिए बाधित हुई है। इजराइल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की हमला करने की क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई है।

ईरान और अमेरिका की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) के कमांडर Seyed Majid Mousavi ने बयान जारी कर कहा है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अभी जारी है। उन्होंने साफ किया कि सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और हमलों का जवाब दिया जा रहा है। खबरों के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम ‘Operations Epic Fury and Roaring Lion’ का हिस्सा है, जिसे अमेरिका और इजराइल का एक संयुक्त सैन्य अभियान बताया जा रहा है।

घटना का समय प्रभावित इलाका मुख्य लक्ष्य
30 मार्च 2026, सुबह 7 बजे Nowshahr, Mazandaran एयर डिफेंस सिस्टम
30 मार्च 2026, सुबह Tehran मिसाइल स्टोरेज और हथियार केंद्र
27 मार्च 2026 Mazandaran Basij बेस और सैन्य ठिकाने

इस सैन्य अभियान से पूरे क्षेत्र में हलचल मची हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इजराइल ने कहा है कि उनके विमान सुरक्षित वापस लौट आए हैं और मिशन के उद्देश्यों को पूरा कर लिया गया है।