ईरान में अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक नाकेबंदी की वजह से आम लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं. ईद के त्योहार के दौरान बाजारों में रौनक तो देखने को मिली लेकिन लोग खरीदारी से ज्यादा सामानों की कीमतों को लेकर परेशान दिखे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तेहरान की दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के बीच सिर्फ महंगाई को लेकर ही चर्चा हो रही है. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब मध्यमवर्ग और गरीब परिवारों को रोजमर्रा का जरूरी राशन भी किश्तों पर खरीदना पड़ रहा है.

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ईरान में महंगाई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आसमान पर पहुंचे दाम

ईरान के सांख्यिकी केंद्र (Statistical Center of Iran) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश में सालाना महंगाई दर 73 प्रतिशत से ऊपर निकल चुकी है. हालत यह है कि आज के समय में मिलने वाले सबसे सस्ते मीट की कीमत करीब 10 साल पहले मिलने वाली 50 किलोग्राम की पूरी भेड़ की कीमत के बराबर हो गई है. नीचे दी गई तालिका से आप महंगाई की गंभीर स्थिति को समझ सकते हैं.

खाद्य सामग्री और सूचकांक कीमतों में बढ़ोतरी प्रतिशत (सालाना)
सालाना महंगाई दर (Year-on-Year Inflation) 73% से अधिक
ईरानी चावल (Rice) 173%
चिकन (Chicken) 191%
लिक्विड कुकिंग ऑयल (Cooking Oil) 4 गुना से अधिक
खाद्य महंगाई (Food Inflation) 57.9% लगभग

संयुक्त राष्ट्र की संस्था OCHA की रिपोर्ट भी यह पुष्टि करती है कि आम लोगों की कमाई कम होने और महंगाई अत्यधिक बढ़ने से बाजार में सामान होने के बावजूद लोग उसे खरीद नहीं पा रहे हैं.

अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी का सीधा असर

अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने ईरान के कई फॉरेन एक्सचेंज हाउस और उनके सहयोगियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. इसके साथ ही ईरान के पेट्रोलियम शिपमेंट में शामिल 19 जहाजों को भी ब्लॉक कर दिया गया है जिससे देश की कमाई का जरिया बंद हो गया है. इसी नाकेबंदी की वजह से देश में मीट और दूसरी जरूरी चीजों की भारी किल्लत हो गई है और कीमतें नियंत्रण से बाहर हो गई हैं.

राहत देने के लिए सरकार की योजनाएं और शांति वार्ता

ईरानी सरकार के प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने घोषणा की है कि सरकार देश के नागरिकों को राहत देने के लिए एक योजना पर काम कर रही है जिसके तहत हर व्यक्ति को 11 जरूरी बुनियादी सामान खरीदने के लिए हर महीने 10 मिलियन रियाल का क्रेडिट दिया जाएगा. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी देश की इस गंभीर आर्थिक स्थिति को स्वीकार किया है. हालांकि सरकार ने ईद-उल-अजहा के मौके पर रियायती कीमतों पर मीट उपलब्ध कराने की कोशिश की थी लेकिन वह नाकाफी साबित हुई. दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए एक समझौते पर बातचीत चल रही है जिसमें 60 दिनों के युद्धविराम और प्रतिबंधों में कुछ ढील देने पर चर्चा शामिल है लेकिन अभी तक इस पर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में मीट और चिकन की कीमतें कितनी बढ़ गई हैं?

ईरान में चिकन की कीमतों में 191 प्रतिशत और चावल की कीमतों में 173 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कुकिंग ऑयल की कीमतें चार गुना से अधिक बढ़ गई हैं.

महंगाई को देखते हुए ईरानी सरकार क्या कदम उठा रही है?

ईरानी सरकार नागरिकों को राहत देने के लिए हर महीने प्रति व्यक्ति 10 मिलियन रियाल का क्रेडिट देने की योजना बना रही है जिससे वे 11 जरूरी सामान खरीद सकें.

ईरान की आर्थिक स्थिति खराब होने का मुख्य कारण क्या है?

इसका मुख्य कारण अमेरिकी प्रतिबंध और आर्थिक नाकेबंदी है जिसके तहत ईरान के विदेशी मुद्रा एक्सचेंज और कच्चे तेल के शिपमेंट से जुड़े 19 जहाजों को ब्लॉक कर दिया गया है.