ईरान में इस वक्त हालात बहुत खराब हैं और वहां के लोग जरूरी दवाइयों के लिए तरस रहे हैं. अमेरिका और इसराइल के हमलों ने देश के स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह से तबाह कर दिया है. ईरान के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ने 3 मई 2026 को खुद माना है कि युद्ध की वजह से दवाइयों की भारी कमी हो गई है.

दवाइयों की कमी क्यों हुई और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?

  • फैक्ट्रियों पर हमला: अमेरिकी और इसराइली हवाई हमलों में ईरान की कई बड़ी दवा फैक्ट्रियां नष्ट हो गईं. इनमें Tofigh Daru जैसी मुख्य फैक्ट्री शामिल थी जो कैंसर की दवाएं और एनेस्थेटिक्स बनाती थी.
  • जरूरी दवाओं की किल्लत: इंसुलिन, ब्लड प्रेशर की दवाइयां और कैंसर के इलाज के लिए जरूरी दवाएं अब आसानी से नहीं मिल रही हैं.
  • कीमतों में उछाल: दवाओं की कमी और ईरानी रियाल की गिरती कीमत की वजह से बाजार में दवाइयों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं.
  • अस्पतालों की हालत: देश के सैकड़ों क्लीनिक और हेल्थ सेंटर तबाह हो चुके हैं. कई अस्पताल अब फील्ड क्लीनिक की तरह काम कर रहे हैं और डायलिसिस जैसी जरूरी मशीनें भी कम पड़ गई हैं.

बड़ी संस्थाओं और अधिकारियों ने इस संकट पर क्या कहा?

  • डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF): इस संस्था ने चेतावनी दी है कि दवाइयों की कमी की वजह से लोग चुपचाप मौत के मुंह में जा रहे हैं.
  • रेड क्रॉस: इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस ने कहा है कि स्वास्थ्य सिस्टम को दोबारा ठीक होने में महीनों या साल लग सकते हैं.
  • लॉजिस्टिक्स समस्या: विशेषज्ञों ने बताया कि मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से एयर कार्गो और शिपिंग रूट बाधित हुए हैं. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कम व्यापार की वजह से दवाइयों का कच्चा माल लाना मुश्किल हो गया है.
  • सरकार का दावा: हालांकि, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने अप्रैल की शुरुआत में कहा था कि दवाइयों का स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में किन दवाइयों की सबसे ज्यादा कमी है?

ईरान में मुख्य रूप से इंसुलिन, कैंसर के इलाज की दवाएं और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाली दवाइयों की भारी कमी हो गई है.

स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने का मुख्य कारण क्या है?

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों ने ईरान की दवा फैक्ट्रियों और रिसर्च संस्थानों को तबाह कर दिया है, जिससे सप्लाई चेन टूट गई है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.