29 जुलाई 2026 को ईरान के कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे मध्य पूर्व में सैन्य तनाव बढ़ गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी शहर पीरानशहर में अमेरिकी मिसाइल से हमला हुआ, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें बीच में ही रोक दिया गया।
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हमले और जवाबी कार्रवाई
इस घटनाक्रम में जॉर्डन की सेना ने ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को हवा में नष्ट किया और कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब ने पूर्वी इराक में ईरान समर्थित ‘पॉपुलर मो mobilization फोर्सेज’ (PMF) के ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए हैं।
तनाव के बीच बयानों का दौर
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका इन हमलों का करारा जवाब देगा। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को अपने आत्मरक्षा के अधिकार के तौर पर सही बताया है। वहीं, इराक के राष्ट्रपति Nizar Amidi ने इस कार्रवाई की निंदा की और इसे इराक की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इलाके में मौजूदा हालात को देखते हुए सैन्य गतिविधियां काफी गंभीर बनी हुई हैं।
