ईरान के बुशेहर (Bushehr) इलाके में स्थित एक मिलिट्री बेस पर मिसाइल हमले हुए हैं। यह हमला परमाणु प्लांट के काफी करीब हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि अमेरिका ने इन दावों से इनकार किया है।

परमाणु प्लांट के पास हमला और नुकसान

बुशेहर प्रांत के डिप्टी गवर्नर एहसान जहाानियान ने कन्फर्म किया कि 9 जुलाई 2026 को प्रांत की कई जगहों पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि हमला परमाणु बिजली संयंत्र के बाहरी इलाके तक पहुंच गया था। हालांकि, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने साफ किया कि परमाणु रिएक्टर या उससे जुड़े सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। संगठन ने चेतावनी दी कि नागरिक परमाणु केंद्रों पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

अमेरिका का क्या है कहना

इस मामले में अमेरिका की प्रतिक्रिया अलग रही। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने 9 और 10 जुलाई की रात तक ईरान पर किसी भी हालिया हमले से इनकार किया। लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जुलाई को बयान दिया कि ये हमले ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों का बदला थे। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर हमले बंद नहीं हुए तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव

खबरों के मुताबिक, 7 से 9 जुलाई के बीच दक्षिणी ईरान में अमेरिका ने करीब 260 हमले किए। इसके जवाब में ईरान की सेना ने 9 जुलाई को खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। इन हमलों के निशाने पर कुवैत, कतर, बहरीन और जॉर्डन थे। कुवैत और जॉर्डन ने बताया कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की तरफ से आई क्रूज मिसाइलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कोशिश की।

जानी नुकसान और मौजूदा स्थिति

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 8 और 9 जुलाई के बीच हुए अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हुए। ये सभी घटनाएं ईरान के पांच अलग-अलग प्रांतों में हुईं। खास बात यह है कि यह पूरी सैन्य हलचल उस समय हुई जब ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे और दफन की रस्में चल रही थीं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.