ईरान के सैन्य प्रमुख मेजर जनरल Amir Hatami ने अपने देश के पूर्व सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत का बदला लेने का ऐलान किया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका और इसराइल ने मिलकर जो हमला किया था, उसका जवाब दिया जाएगा. यह बयान तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान दिया गया.
मेजर जनरल Amir Hatami ने आधिकारिक तौर पर कहा कि ईरानी राष्ट्र के दुश्मनों, यानी अमेरिका और इसराइल को यह पता होना चाहिए कि वे शहीद नेता के खून का बदला लेंगे. उन्होंने सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB से बात करते हुए कहा कि इस घटना ने उनके इरादों को और भी मजबूत कर दिया है और अब वे पहले से ज़्यादा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे.
अंतिम संस्कार और नए नेतृत्व की जानकारी
Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की रस्में 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई हैं और यह 9 जुलाई तक चलेंगी. इस दौरान अंतिम यात्रा ईरान और इराक के कई हिस्सों से गुजरेगी. इसी बीच Ayatollah Seyyed Mojtaba Hosseini Khamenei ने नए सर्वोच्च नेता और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ के रूप में कमान संभाल ली है.
इससे पहले 1 जुलाई 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohamad Baqer Zolqadr ने भी कहा था कि खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. 3 जुलाई को कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर कर नए नेतृत्व के निर्देशों का पालन करने और बदला लेने की बात कही.
शांति वार्ता पर असर
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने एक अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता को फिलहाल रोक दिया गया था. अब इन बातचीत को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद जल्द से जल्द दोबारा तय किया जाएगा.
