Iran News: ईरान के सैन्य प्रमुख की सख्त चेतावनी, अमेरिका और दुश्मनों को देंगे करारा जवाब.

शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को नेशनल डिफेंस इंडस्ट्री डे के मौके पर ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दोलाहीम अब्दोलाही ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश किसी भी दुश्मन के हमले का मुंहतोड़ और तबाह करने वाला जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मेजर जनरल अब्दोलाही ने बताया कि ईरानी सेना जमीन, समुद्र, हवा, एयर डिफेंस, अंतरिक्ष और साइबरस्पेस में हर तरह की आधुनिक तैयारी के साथ मजबूत स्थिति में बैठी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मनों ने कोई भी गलत कदम उठाया तो उसका ऐसा हिसाब चुकता किया जाएगा जो क्रांतिकारी, क्रूर, पछतावे से भरा और पूरी तरह बर्बाद करने वाला होगा।
अमेरिका की तरफ से आने वाले नए कड़े प्रतिबंध
यह सैन्य बयानबाजी ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिका ईरान पर इतिहास के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी कर चुका है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने इन पाबंदियों को लेकर कहा है कि ये अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध होंगे और सोमवार को इसकी पूरी जानकारी सामने आएगी। वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बढ़ते तनाव को आर्थिक दबाव का एक नया चरण बताया है। इन सब के जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन अमेरिकी कदमों को आधिकारिक रूप से आर्थिक आतंकवाद करार दिया है।
ईरान के संसद अध्यक्ष का बड़ा बयान
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे सैन्य ताकत से अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए, तो उन्होंने अपनी रणनीति बदलकर कॉग्निटिव और आर्थिक युद्ध शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ईरान के रक्षा मंत्रालय ने अपने घरेलू रक्षा उपकरणों को आधुनिक बनाने की अपनी जिद को दोहराया और कहा कि इन लगातार प्रतिबंधों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह पर और मजबूत कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओमान और इराक के साथ मजबूत हो रहे रिश्ते
वैश्विक मंच पर अमेरिका ने चीन पर दबाव बनाया है कि वह इन कड़े प्रतिबंधों का पालन करे, लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय का साफ कहना है कि इस तरह के कदमों से विवाद का हल नहीं निकलने वाला है। इन हालात से निपटने के लिए ईरान क्षेत्रीय स्तर पर अपने आर्थिक संबंधों को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। ईरान ने ओमान के साथ एक तरजीही व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है और इसके साथ ही इराक के साथ भी आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है ताकि इन पाबंदियों के असर को कम किया जा सके।