ईरान की सेना इस समय हाई अलर्ट पर है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। Khatam al-Anbiya Headquarters ने साफ कर दिया है कि वे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय को और मजबूत करेंगे। हाल ही में जारी बयानों से पता चलता है कि ईरान अपने पड़ोस में हो रही हलचलों को लेकर काफी सतर्क है।

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27 जून 2026 को जारी एक बयान में ईरान ने कहा कि पड़ोसी देशों के हवाई क्षेत्र में इसराइल के सैन्य विमानों की आवाजाही खतरनाक है। ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने इसराइल को नहीं रोका, तो उसके पास जवाबी कार्रवाई करने का पूरा हक है।

इसी के साथ ईरान ने इराक सरकार और Kurdistan Regional Government (KRG) को भी अल्टीमेटम दिया है। ईरान चाहता है कि उत्तरी इराक में मौजूद आतंकवादियों को खत्म किया जाए, क्योंकि उनकी मौजूदगी से ईरान की सुरक्षा को सीधा खतरा है।

सेना की ताकत के बारे में बात करते हुए Major General Ali Abdollahi ने बताया कि ईरान की मिसाइल, नौसेना, वायु सेना और ड्रोन फोर्स पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर और आधुनिक हो चुकी हैं। उन्होंने 11 और 14 जून को भी यह साफ किया था कि सेना किसी भी हमले का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों पर हमला किया है और यह शांति समझौते का उल्लंघन है। IRGC ने भी दावा किया कि उन्होंने Sirik Island पर हुए अमेरिकी हमले को नाकाम कर दिया है और वे जल्द ही इसका निर्णायक जवाब देंगे।