ईरान में सैन्य भर्ती के लिए भारी भीड़ देखी गई है। सरकार ने ‘डिफेंडर्स ऑफ द होमलैंड फॉर ईरान’ नाम से एक मुहिम शुरू की थी जिसमें उम्मीद से कहीं ज़्यादा लोग शामिल हुए हैं। अब तक 2.6 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने देश की सेवा के लिए वॉलंटियर के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया है।
ℹ: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ MOU, 60 दिनों में फाइनल डील की कोशिश, एक्सपर्ट्स बोले काम मुश्किल होगा।
यह भर्ती अभियान 27 मार्च 2026 के आसपास शुरू हुआ था। शुरुआत में सिर्फ 10 लाख लोगों की ज़रूरत थी लेकिन रजिस्ट्रेशन की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ी। 2 अप्रैल को संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने 70 लाख लोगों के जुड़ने की बात कही थी। इसके बाद 7 अप्रैल को राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने बताया कि 1.4 करोड़ लोग देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हैं। 16 अप्रैल तक सरकारी प्रसारक IRIB ने पुष्टि की कि यह संख्या बढ़कर 2.6 करोड़ से ज़्यादा हो गई है।
इन कामों के लिए किया गया चुनाव
इस अभियान के तहत अलग-अलग हुनर वाले लोगों को जोड़ा गया है। वॉलंटियर्स को इन कामों में लगाया जाएगा:
- गश्त लगाना और खुफिया जानकारी जुटाना।
- गाड़ियों की मरम्मत और टूटे हुए घरों को ठीक करना।
- खाना तैयार करना और मेडिकल सहायता देना।
पंजीकरण का काम IRGC से जुड़ी अर्धसैनिक संस्था बसीज (Basij) की स्थानीय शाखाओं के ज़रिए किया गया। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल, सरकारी टीवी और मैसेज का इस्तेमाल किया गया।
12 साल के बच्चों की भर्ती पर विवाद
इस भर्ती में सबसे ज़्यादा चर्चा उम्र की सीमा को लेकर है। सरकार ने न्यूनतम उम्र घटाकर 12 साल कर दी है। IRGC के तेहरान डिप्टी कमांडर रहीम नदाली ने कहा कि युवाओं की भारी मांग के कारण यह फैसला लिया गया। बसीज फोर्स के जनरल हुसैन येक्ता ने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को रात में चेकपोस्ट पर ड्यूटी करने भेजें ताकि वे असली मर्द बन सकें।
इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हो रहा है। Human Rights Watch और Al Jazeera जैसे संगठनों ने इसे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है। वहीं National Council of Resistance of Iran के अलीरेज़ा जाफरजादेह ने कहा कि बच्चों तक को भर्ती करना यह बताता है कि ईरान का सिस्टम दबाव में है।
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ उनके ज़्यादातर मंत्रियों, खिलाड़ियों और कलाकारों ने भी खुद को वॉलंटियर के तौर पर रजिस्टर किया है।
