ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता या किसी भी बड़े सैन्य अधिकारी पर होने वाले हमले का जवाब देने के लिए पहले से ही एक मजबूत सिस्टम बनाएगा। इस फैसले का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई का जवाब तुरंत और करारा मिले।
क्षेत्रीय तनाव और ईरान का एक्शन
इस बीच, 13 जुलाई 2026 को ईरान के IRGC ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इन हमलों से वहां की इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। यह कार्रवाई 12 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तटीय इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में की गई है, जिनमें ईरान के एयर-डिफेंस सिस्टम और राडार साइटों को निशाना बनाया गया था।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद और ताजा स्थिति
ईरान ने 12 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना के दखल का आरोप लगाते हुए Strait of Hormuz को बंद करने का भी फैसला किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ हमले के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल होने देगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं, ईरान के नए सर्वोच्च नेता Seyed Mojtaba Hosseini Khamenei ने अपने पिता की मौत का बदला लेने का संकल्प दोहराया है।
