ईरान की सेना ने 18 जुलाई 2026 को यह ऐलान किया कि उसने Operation Sa’eqeh (Thunder) के 14वें चरण के तहत कुवैत में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान का दावा है कि उसके ड्रोन और हथियारों ने Camp Al-Adairi के गोला-बारूद स्टोर और Ali Al-Salem Base की कमांड फैसिलिटी को निशाना बनाया है। इसके अलावा कुवैत में कई महत्वपूर्ण पुलों पर भी हमला होने की जानकारी दी गई है।
कुवैत में तनाव और ताजा स्थिति
इस हमले को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। 17 जुलाई को कुवैती अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि ईरानी ड्रोन हमलों में पानी और बिजली के प्लांट प्रभावित हुए हैं और हमले में कई सैन्य कर्मी घायल भी हुए हैं। ईरान का कहना है कि यह अमेरिका की ओर से हो रहे लगातार हमलों के जवाब में की गई जवाबी कार्रवाई है।
क्षेत्र में बढ़ रहा है तनाव
ईरान की सेना और IRGC ने सिर्फ कुवैत ही नहीं, बल्कि जॉर्डन के Al-Azraq बेस और बहरीन में US Fifth Fleet बेस पर भी हमलों के दावे किए हैं। यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों और हमलों का सिलसिला देखा गया है। कुवैत में हुए इन हमलों को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि या खंडन अभी तक अमेरिकी सेना की ओर से नहीं आया है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
