ईरान की सेना ने शुक्रवार को एक बड़ी चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान के ऊर्जा ठिकानों या बंदरगाहों पर कोई भी हमला होता है तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने साफ कर दिया है कि वे मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के हितों वाले तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएंगे। इस तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है।

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ईरान की नई सैन्य चेतावनी के मुख्य बिंदु क्या हैं?

ईरान के सैन्य कमांड ने स्पष्ट किया है कि अब वे सिर्फ बराबरी की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि दुश्मन के आर्थिक ठिकानों पर लगातार हमले करेंगे। यह बयान तेहरान में ईंधन डिपो पर हुए हमलों के बाद आया है।

  • मिडिल ईस्ट में अमेरिका और उसके सहयोगियों के सभी तेल अड्डों को जायज निशाना माना जाएगा।
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि वे एक लीटर तेल भी दुश्मन देशों तक नहीं पहुंचने देंगे।
  • किसी भी जहाज या टैंकर को जो अमेरिका या इजरायल की तरफ जाएगा उसे निशाना बनाया जा सकता है।
  • ईरान के सुप्रीम लीडर ने Strait of Hormuz को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करने का समर्थन किया है।

प्रवासियों और तेल की कीमतों पर इसका क्या असर होगा?

ईरान के इस सख्त रुख के बाद दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा बिगड़ने से काम और सप्लाई पर असर पड़ता है।

संस्था या व्यक्ति चेतावनी और डेटा
Military Spokesperson तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक जाने की चेतावनी दी
US CENTCOM ईरान के अंदर 5500 ठिकानों पर स्ट्राइक करने का दावा किया
Supreme Council पब्लिक सर्विस जैसे बिजली और गैस सप्लाई ठप होने की आशंका जताई
UN Ambassador फिलहाल Strait of Hormuz को बंद करने का इरादा नहीं जताया
Khatam al-Anbiya किसी भी छोटे हमले पर भी बड़ी और विनाशकारी जवाबी कार्रवाई होगी
IDF Strike तेहरान के शाहरान फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया जिससे तनाव बढ़ा