मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनके खिलाफ कोई भी नया हमला हुआ, तो इसका बहुत ही भयानक और बड़ा जवाब दिया जाएगा। यह चेतावनी 26 मई 2026 को अल जज़ीरा की रिपोर्ट के बाद सामने आई है। इससे पहले 25 मई को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। दूसरी तरफ कतर में शांति समझौते को लेकर बातचीत भी चल रही है।
अमेरिकी सेना के हमले और ईरान की जवाबी चेतावनी क्या है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि अमेरिकी सेना ने 25 मई 2026 को दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी क्योंकि वहां मिसाइल लॉन्च साइट और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नावें सक्रिय थीं। इसके जवाब में ईरान के सैन्य अधिकारियों और आईआरजीसी ने चेतावनी जारी की है। ईरान का कहना है कि अगर दोबारा उनके देश पर हमला हुआ तो वे ऐसा पलटवार करेंगे जो इस क्षेत्र से बाहर तक जाएगा और अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके पास अभी कई नई सैन्य क्षमताएं हैं जिनका इस्तेमाल उन्होंने पहले नहीं किया है।
कतर में चल रही बातचीत और डोनाल्ड ट्रंप का क्या बयान है?
इस तनाव के बीच शांति समझौता कराने की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए 26 मई 2026 को कतर पहुंचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। ट्रंप ने मांग रखी है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को या तो नष्ट किया जाए या फिर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की देखरेख में अमेरिका को सौंप दिया जाए। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दुनिया को भरोसा दिलाया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है।
लेबनान और होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या विवाद है?
बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और लेबनान में युद्धविराम लागू करने को लेकर पेंच फंसा हुआ है। ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तभी पूरी तरह खोला जाएगा जब लेबनान में भी सीजफायर लागू होगा। वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले और तेज करने का फैसला किया है। इसराइली सेना ने 25 मई को लेबनान के 10 गांवों के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने बेरूत पर हमला किया तो शांति समझौता खतरे में पड़ जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच ताजा विवाद की वजह क्या है?
अमेरिकी सेना द्वारा 25 मई 2026 को दक्षिणी ईरान में किए गए आत्मरक्षा के हमलों के बाद विवाद बढ़ा है, जिसके जवाब में ईरान ने बड़े पलटवार की चेतावनी दी है।
कतर में चल रही वार्ता में अमेरिका की क्या मांग है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम नष्ट किया जाए या अमेरिका को सौंपा जाए, जबकि ईरान लेबनान में सीजफायर की मांग पर अड़ा है।