ईरान के मीनब शहर में लड़कियों के स्कूल पर हुए हवाई हमले को आज 40 दिन पूरे हो गए। इस दर्दनाक हादसे में 168 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज़्यादातर मासूम बच्चे थे। आज उनके कब्रिस्तानों पर शोक सभा आयोजित की गई और मारे गए बच्चों को याद किया गया।

स्कूल पर हमला कब और कैसे हुआ?

यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था। मीनब के Shahrak-e Al-Mahdi इलाके में स्थित Shajareh Tayyebeh लड़कियों के प्राइमरी स्कूल पर मिसाइलें गिरी थीं। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर को तीन बार निशाना बनाया गया। इस हमले में 7 से 12 साल की मासूम लड़कियों के साथ-साथ उनके टीचर्स और माता-पिता भी मारे गए।

जांच में अब तक क्या बातें सामने आईं?

इस हमले की जांच को लेकर अलग-अलग समय पर कई अपडेट सामने आए। अमेरिकी सेना की एक शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि यह हमला शायद अमेरिकी सेना ने ही किया था, लेकिन यह एक गलती थी। बताया गया कि पुराने खुफिया डेटा (DIA target coding) की वजह से गलत जगह मिसाइल दाग दी गई।

तारीख जांच का अपडेट
1 मार्च 2026 CENTCOM ने नागरिक नुकसान की खबरों को माना और जांच शुरू की।
3 मार्च 2026 मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाता।
6 मार्च 2026 अमेरिकी जांचकर्ताओं ने कहा कि हमला अमेरिकी सेना द्वारा किया जाना संभव है।
10 मार्च 2026 व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि रक्षा विभाग पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
2 अप्रैल 2026 अमेरिकी सीनेटरों ने रक्षा सचिव से इस हमले पर ब्रीफिंग मांगी।
7 अप्रैल 2026 सीनेटर किर्स्टन गिलिब्रैंड ने पुराने इंटेलिजेंस डेटा की वजह से हुई गलती का जिक्र किया।

दुनिया और बड़ी संस्थाओं का इस पर क्या कहना है?

UNESCO ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया और स्कूलों की सुरक्षा की मांग की। UN के विशेषज्ञों ने इसे बच्चों और शिक्षा पर एक बड़ा हमला कहा है। Amnesty International ने अपने निष्कर्ष में कहा कि सबूतों से पता चलता है कि हमला अमेरिकी सेना ने किया और इसमें जरूरी सावधानी नहीं बरती गई।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.