ईरान के मिनाब शहर में 28 फरवरी को एक लड़कियों के प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। इस दुखद घटना में 170 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर 7 से 12 साल की छोटी बच्चियाँ थीं। नौरोज़ के त्यौहार के दौरान शुक्रवार को इन मासूम बच्चों के माता-पिता और रिश्तेदार उनकी कब्रों पर पहुंचे। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के हफ़्तों बाद भी वहां का माहौल गमगीन बना हुआ है।

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हमले में हुई तबाही और हताहतों का विवरण

Shajareh Tayyebeh गर्ल्स स्कूल पर यह हमला उस समय हुआ जब बच्चे अपनी क्लास में थे। इस हमले से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • कुल मौतें: ईरानी अधिकारियों के अनुसार 175 से 180 लोगों की मौत हुई।
  • पीड़ित: मरने वालों में ज़्यादातर 7 से 12 साल की लड़कियां, टीचर और पेरेंट्स थे।
  • तारीख और समय: यह हमला 28 फरवरी 2026 को सुबह 10:23 से 10:45 के बीच हुआ।
  • हथियार: जांच में सामने आया कि हमले में गाइडेड हथियारों और Tomahawk मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ।

जांच रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिकी सैन्य जांच की शुरुआती रिपोर्ट में यह माना गया कि गलत और पुरानी खुफिया जानकारी की वजह से यह हादसा हुआ। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हो सकता है क्योंकि युद्ध के दौरान भी स्कूलों को निशाना नहीं बनाया जा सकता। यूनेस्को ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। ईरान की सरकार ने अब फैसला लिया है कि इस तबाह हुए स्कूल की इमारत को एक म्यूजियम में बदला जाएगा। वहीं अमेरिकी सीनेटरों ने भी रक्षा विभाग से इस मामले पर जवाब मांगा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com