ईरान के मिनाब शहर में हुए एक दुखद हमले के बाद अब वहां गम का माहौल है। 28 फरवरी 2026 को शजरे तैय्यबेह एलीमेंट्री स्कूल पर हुए अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए 32 बच्चों का हाल ही में अंतिम संस्कार किया गया। इस हमले में अब तक 170 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर है, जिसमें ज्यादातर बच्चे शामिल थे। अभी भी मलबे से शवों को निकालने का काम जारी है।

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हमले के पीछे एआई तकनीक पर उठे सवाल

इस हमले को ईरान युद्ध के पहले दिन की घटना बताया जा रहा है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। जानकारों और अल जज़ीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में पलान्टिर (Palantir) के मेवेन स्मार्ट सिस्टम (MSS) नाम के एआई आधारित हथियार का इस्तेमाल किया गया था। इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या गलत सैटेलाइट डेटा की वजह से यह बड़ी चूक हुई है।

अमेरिका और ईरान का पक्ष

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक भूल बताते हुए कहा कि स्कूल पर जानबूझकर हमला नहीं किया गया था। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। ह्यूमन राइट्स वॉच की विशेषज्ञ सारा यागर के मुताबिक, अमेरिकी सेना की शुरुआती जांच से पता चलता है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी नहीं बरती गई, जो युद्ध के नियमों के खिलाफ है। ईरान सरकार अब इस घटना को याद रखने के लिए मिनब ललबीज़ ऑफ अवेकनिंग फेस्टिवल का आयोजन करने जा रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.