ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम घरिबाबादी ने ANI से बातचीत में अमेरिका और इसराइल पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शांति आने से ही पूरी तरह सुरक्षा संभव है। इसी दौरान उन्होंने भारत के साथ रिश्तों और BRICS को लेकर भी कई अहम बातें साझा की हैं।

अमेरिका और इसराइल को लेकर क्या कहा?

काज़ेम घरिबाबादी ने सीधे तौर पर कहा कि अमेरिका गंभीर कूटनीति (diplomacy) में शामिल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इसराइल को केवल ईरान की मिसाइलों ने हराया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान ने कभी अपने पड़ोसी देशों पर हमला नहीं किया, बल्कि उन इलाकों से ईरान पर हमले हुए जो अमेरिका के नियंत्रण में थे।

भारत और BRICS पर क्या है ईरान का स्टैंड?

ईरान ने BRICS की अध्यक्षता के लिए भारत का पूरा समर्थन किया है। घरिबाबादी ने एक साझा BRICS घोषणापत्र और ग्रुप के लिए एक एकजुट संदेश की वकालत की। इसी सिलसिले में 13 मई 2026 को उन्होंने दिल्ली में भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की, जहाँ दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शांति क्यों जरूरी है?

ईरानी मंत्री के मुताबिक, अगर Strait of Hormuz में शांति स्थापित होती है, तो स्थिति पहले से बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन होगा और पारदर्शिता आएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरानी मंत्री ने अमेरिका और इसराइल के बारे में क्या दावा किया?

काज़ेम घरिबाबादी ने कहा कि अमेरिका गंभीर कूटनीति नहीं कर रहा है और अमेरिका व इसराइल को केवल ईरानी मिसाइलों ने हराया है।

भारत और ईरान के बीच हाल ही में क्या चर्चा हुई?

13 मई 2026 को दिल्ली में ईरानी डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर ने भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज से मुलाकात की, जिसमें क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर बात हुई।