ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के साझा सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर दो इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह घटना 21 मार्च 2026 की बताई गई है जिसमें ईरान की बढ़ती सैन्य ताकत के संकेत मिले हैं। डिएगो गार्सिया सैन्य बेस ईरान से लगभग 4000 किलोमीटर दूर स्थित है। ईरान की तरफ से यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य अभियान को कम करने की योजना बना रहे थे।

ईरान की मिसाइल रेंज को लेकर क्या है नया अपडेट?

ईरान के इस कदम ने सुरक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है क्योंकि अब तक ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता को 2000 किलोमीटर तक सीमित बताया था। डिएगो गार्सिया पर हमले की कोशिश से यह साफ हो गया है कि ईरान की मिसाइल मारक क्षमता अब दोगुनी हो गई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पहले कहा था कि वे अपनी रेंज सीमित रखेंगे, लेकिन हालिया बयानों में उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ अब कोई बातचीत नहीं होगी। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह भविष्य में पर्यटन स्थलों को भी अपने निशाने पर ले सकता है।

क्षेत्र में सुरक्षा और मिसाइल हमले के बाद के ताज़ा हालात

इस हमले के बाद पेंटागन ने सुरक्षा बढ़ाते हुए तीन अतिरिक्त युद्धपोत और हजारों मरीन सैनिकों को क्षेत्र में तैनात किया है। इस दौरान सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में भी तनाव देखा गया जहां सऊदी सेना ने 10 ड्रोन इंटरसेप्ट किए हैं। वर्तमान स्थिति की कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान की एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही फेल हो गई थी।
  • अमेरिका ने दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए युद्धपोत से SM-3 इंटरसेप्टर लॉन्च किया।
  • सऊदी अरब ने अपने क्षेत्र में ईरान की तरफ से आने वाले 10 ड्रोन मार गिराए।
  • ग्लोबल मार्केट को स्थिर रखने के लिए अमेरिका ने ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में 19 अप्रैल तक की राहत दी है।
  • ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ बातचीत के सभी रास्ते बंद होने की पुष्टि की है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.