19 जुलाई 2026 को जॉर्डन के अकाबा शहर की ओर ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को अमेरिका और सहयोगी देशों की एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। यह घटना तब हुई जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है और हाल ही में शांति समझौता भी टूट गया है। मिसाइल हमले के दौरान जॉर्डन और इजरायली सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की और अपनी रक्षा के लिए कदम उठाए।
क्या हुआ हमले में
जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने जॉर्डन की सीमा की तरफ आ रही तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। इस घटना में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। वहीं दूसरी तरफ, इजरायल की डिफेंस फोर्सेस IDF ने भी ईरान से मिसाइल लॉन्च होने की पुष्टि की और Iron Dome का इस्तेमाल कर उन मलबों को नष्ट किया जो इजरायल के इलियट शहर के लिए खतरा बन सकते थे। जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद मोमानी ने उन सुरक्षा चेतावनियों को भी खारिज किया है जिनमें अकाबा एयरपोर्ट या बंदरगाह पर यात्रा न करने की सलाह दी गई थी।
क्षेत्र में फैला तनाव
ईरान के IRGC ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला तब हुआ जब अमेरिका के CENTCOM ने लगातार आठवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और एयर डिफेंस सेंटर्स को निशाना बनाया है। इस संघर्ष का असर अब पूरे इलाके में फैल चुका है। बहरीन और कुवैत की सेनाओं ने भी उसी दिन अपने क्षेत्र में ईरान से आए मिसाइलों और हवाई हमलों को इंटरसेप्ट करने की रिपोर्ट दी है।
