ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह Jordan के आसमान में भारी हलचल रही जब ईरान ने कई मिसाइलें दागीं। Jordan की सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में डर का माहौल है।
Jordan ने नाकाम किया हमला
Jordanian Armed Forces-Arab Army के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि Royal Jordanian Air Force और एयर डिफेंस सिस्टम ने मिलकर ईरान से आई 20 मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। ये मिसाइलें Zarqa गवर्नर के Azraq इलाके की तरफ आ रही थीं। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई बड़ा भौतिक नुकसान हुआ। सेना की इंजीनियरिंग टीमों को तुरंत तैनात किया गया ताकि गिरे हुए मलबे को साफ किया जा सके और यह सुनिश्चित हो कि वहां कोई अनexploded मटेरियल न बचा हो।
ईरान का दावा और हमले की वजह
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान का कहना है कि उन्होंने Jordan में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया जहां F-35, F-15 और F-16 जैसे लड़ाकू विमान तैनात थे। IRGC के मुताबिक, उन्होंने Al-Azraq एयर बेस और उसके कंट्रोल सेंटर को तबाह करने के लिए 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में उठाया।
Kuwait और Bahrain में मची अफरातफरी
ईरान का हमला सिर्फ Jordan तक सीमित नहीं था। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने Kuwait के Ali Al Salem और Ahmad Al Jaber बेस के साथ-साथ Bahrain के Sheikh Isa बेस और वहां मौजूद US Fifth Fleet को भी निशाना बनाया। इस हमले के कारण Kuwait ने एहतियातन अपने हवाई क्षेत्र (airspace) को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था, जिसे बाद में गुरुवार को फिर से खोल दिया गया। वहीं Bahrain में मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे की वजह से एक 11 साल की बच्ची घायल हो गई और कुछ घरों व गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने बातचीत में बहुत समय ले लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। इसके जवाब में US Central Command ने गुरुवार तड़के ईरान के ठिकानों पर फिर से हमले किए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने ऐलान किया कि अमेरिका की इन हरकतों की वजह से अप्रैल 2026 में हुआ युद्धविराम (ceasefire) अब बेमानी हो गया है और IRGC ने आगे और भी निर्णायक जवाब देने की चेतावनी दी है।
