खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर लगातार हमले किए जा रहे हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। कुवैत की सेना ने अपनी हवाई सीमा में घुस रहे 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है।

कुवैत सेना ने हवा में तबाह किए ईरान के 7 बैलिस्टिक मिसाइल

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने 6 जून 2026 को आधिकारिक जानकारी दी कि उनकी सशस्त्र सेना ने देश की हवाई सीमा में घुस रहे 7 खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया है। सेना की इस मुस्तैदी की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि मिसाइलों का मलबा गिरने से कुछ इमारतों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी बहरीन और कुवैत पर हुए इन हमलों का कड़ा विरोध किया है और कहा है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं।

पिछले हमले में एक भारतीय प्रवासी की गई थी जान

इससे पहले 3 जून 2026 को भी ईरान की तरफ से एक बड़ा हमला किया गया था, जिसमें 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 17 ड्रोन दागे गए थे। उन हमलों में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत कई नागरिक और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया गया था। उस हादसे में कुवैत में काम करने वाले एक भारतीय प्रवासी की मौत हो गई थी और 63 अन्य लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद कुवैत सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर निकाल दिया था। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

GCC और सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ उठाया सख्त कदम

GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने कहा कि ईरान का लगातार नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना यह साफ करता है कि वह क्षेत्र की स्थिरता को बिगाड़ना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुवैत और बहरीन की सुरक्षा पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी हुई है और पूरा परिषद इनके साथ खड़ा है। कतर और सऊदी अरब ने भी इस मामले में अपना विरोध दर्ज कराया है और दोनों पीड़ित देशों के साथ एकजुटता दिखाई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर ईरान के मिसाइल हमले में क्या नुकसान हुआ है?

6 जून 2026 को हुए हमले में कुवैत की सेना ने 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया, जिससे केवल मलबे से मामूली नुकसान हुआ। हालांकि, इससे पहले 3 जून को हुए हमले में एक भारतीय प्रवासी की मौत हो गई थी और कुवैत एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा था।

ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमले क्यों किए?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उनके हमले अमेरिका द्वारा ईरान के एक संचार टॉवर पर की गई कार्रवाई के जवाब में थे।