2 अप्रैल 2026 को ईरान ने इज़राइल की ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें दागीं। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस भाषण के ठीक बाद हुआ जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान की सैन्य शक्ति को लगभग खत्म कर दिया गया है। इस हमले के बाद पूरे इज़राइल में एयर रेड सायरन बजने लगे और तेल अवीव समेत मध्य इज़राइल के कई इलाकों में मिसाइलों के गिरने की खबरें आईं।

इज़राइल में हुए हमले और ट्रंप के दावों का क्या सच है?

इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए उनके रक्षा तंत्र सक्रिय थे। हमले के दौरान Tel Aviv और मध्य इज़राइल के कई हिस्सों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश दिए गए। Donald Trump ने अपने संबोधन में दावा किया था कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने युद्धविराम की गुहार लगाई है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बात को पूरी तरह गलत बताया है। ट्रंप ने यह भी धमकी दी है कि अगर 6 अप्रैल तक Strait of Hormuz को दोबारा नहीं खोला गया, तो वह ईरान के नागरिक बिजली घरों और तेल केंद्रों पर हमला करेंगे।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या असर हुआ?

युद्ध की यह स्थिति अब खाड़ी के अन्य देशों तक भी पहुंच रही है जिससे वहां रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी के देशों में कई गंभीर घटनाएं दर्ज की गई हैं।

स्थान घटना का विवरण प्रभाव
UAE ड्रोन को रोकने के दौरान गिरा मलबा एक बांग्लादेशी प्रवासी की जान गई
Kuwait कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया
Israel सेंट्रल और उत्तरी क्षेत्र में मिसाइल हमला कई लोग मामूली रूप से घायल हुए
USA (CENTCOM) अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई 150 ईरानी जहाजों और 12,300 ठिकानों पर हमला
  • ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer ने व्यापारिक मार्ग को फिर से खोलने के लिए 35 देशों की एक वर्चुअल मीटिंग बुलाई है।
  • Trump ने संकेत दिया है कि वह NATO से अमेरिका को अलग करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि सहयोगी देश युद्ध में मदद नहीं कर रहे हैं।
  • इज़राइली मीडिया के अनुसार ईरान ने इस बार क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल किया है जिससे व्यापक इलाकों में नुकसान पहुंचा है।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, लेकिन युद्ध खत्म करने पर कोई बात नहीं हो रही है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.