ईरान ने शनिवार की रात इज़राइल के दक्षिणी शहरों अराद (Arad) और डिमोना (Dimona) पर भीषण मिसाइल हमला किया है। इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने पुष्टि की है कि ईरान ने जानबूझकर उन इलाकों को निशाना बनाया जहां आम नागरिक रहते हैं। हमले के बाद दक्षिणी इज़राइल में डर का माहौल है और राहत बचाव का काम तेजी से जारी है।

हमले में कितना नुकसान हुआ और घायलों की क्या स्थिति है?

अराद शहर में एक मिसाइल सीधे रिहायशी इमारत पर गिरी जिससे वहां रहने वाले लोग मलबे में दब गए। शहर के मेयर यायर मायान ने बताया कि सुरक्षा के लिए करीब 150 परिवारों को उनके घरों से निकाला गया है। मगेन डेविड अडोम (MDA) के डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत काफी गंभीर है और उन्हें इलाज के लिए सोरोका मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है।

  • अराद शहर में 80 से ज्यादा लोग जख्मी हुए।
  • मिसाइल हमले में कई रिहायशी इमारतें पूरी तरह टूट गई हैं।
  • घायलों में छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।
  • इज़राइली सेना इस बात की जांच कर रही है कि एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को रोकने में कैसे फेल हुआ।

ईरान ने क्यों किया हमला और इज़राइल की क्या प्रतिक्रिया है?

ईरान की मीडिया का दावा है कि यह हमला उनके नतांज़ (Natanz) परमाणु केंद्र पर हुए हमले का बदला है। हालांकि इज़राइल ने नतांज़ वाले हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) ने रिपोर्ट दी है कि मिसाइल हमले से इज़राइल के परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वहां सब सुरक्षित है।

मुख्य विवरण जानकारी
हमले का समय शनिवार रात, 21 मार्च 2026
प्रभावित शहर अराद और डिमोना
कुल घायल 100 से ज्यादा नागरिक
जवाबदेह पक्ष ईरान (आरोप के अनुसार)

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह एक कठिन समय है और इज़राइल अपने दुश्मनों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा। इज़राइली विदेश मंत्रालय ने इस घटना को युद्ध अपराध और आतंकवाद करार दिया है। रूस ने भी इस हमले पर चिंता जताई है और कहा है कि इससे पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ा संकट पैदा हो सकता है।