मिडिल ईस्ट में हालात काफी बिगड़ गए हैं और तनाव चरम पर पहुंच गया है। 27 मार्च 2026 को ईरान ने इज़रायल की तरफ मिसाइलों की एक नई खेप छोड़ी है, जिसके बाद यरूशलेम और मध्य इज़रायल के इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इस हमले में नुकसान और लोगों के घायल होने की खबरें आ रही हैं। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है क्योंकि इसका असर विमान सेवाओं और समुद्री रास्तों पर सीधा पड़ रहा है।

खाड़ी देशों और विमान सेवाओं पर क्या असर पड़ रहा है?

ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते टकराव की वजह से पूरे क्षेत्र में यात्रा और व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। विमानन नियामक संस्थाओं ने सुरक्षा को देखते हुए कड़े कदम उठाए हैं।

  • EASA ने एयरलाइंस को सलाह दी है कि वे 10 अप्रैल 2026 तक ईरान, इज़रायल और अन्य खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करें।
  • कुवैत के मुख्य व्यापारिक बंदरगाह पर ड्रोन से हमला हुआ है, जिससे वहां काफी नुकसान की खबर है।
  • ईरान की सेना IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का एलान कर दिया है, जो तेल के व्यापार के लिए मुख्य रास्ता है।
  • कतर, यूएई और बहरीन में मौजूद सैन्य ठिकानों को लेकर भी ईरान ने चेतावनी जारी की है।
  • ईरान ने आम लोगों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दूर रहने को कहा है।

इस संघर्ष में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक भारी संख्या में लोगों की जान गई है और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। नीचे दी गई टेबल में जान गंवाने वालों का डेटा दिया गया है।

क्षेत्र या देश मृतकों की संख्या (लगभग)
ईरान 1,900 से अधिक
लेबनान लगभग 1,100
खाड़ी अरब देश 20
इज़रायल 18
अमेरिकी सैनिक 13

इजरायल ने भी ईरान के हथियारों के कारखानों और मिसाइल ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए रूस के अनुरोध पर एक विशेष बैठक बुलाई है। मानवाधिकार संगठनों ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों का पालन करने की अपील की है क्योंकि आम नागरिक और बुनियादी ढांचे इस लड़ाई की चपेट में आ रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.