ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सऊदी अरब और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले का दावा किया है। ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत ईरान ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस और अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। सऊदी अरब और बहरीन की सेना ने भी इन हमलों की पुष्टि करते हुए कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की जानकारी दी है। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और अमेरिका ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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ईरान के हमले और किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

ईरान के मुताबिक यह हमला उनके शहीद कमांडरों के सम्मान में और अमेरिका व इजरायल की कार्रवाई के जवाब में किया गया। 22 और 23 मार्च 2026 को ईरान ने हमले की 74वीं और 75वीं लहर के तहत मिसाइलें दागीं। उन्होंने प्रिंस सुल्तान एयर बेस को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि यह क्षेत्र में अमेरिकी हवाई ऑपरेशंस का मुख्य केंद्र माना जाता है। इसके अलावा ईरान ने इजरायल के सैन्य ठिकानों पर भी बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की बात कही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया तो वे पश्चिमी एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की बिजली काट देंगे और Strait of Hormuz को भी बंद कर सकते हैं।

सऊदी अरब, बहरीन और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 23 मार्च को जानकारी दी कि उन्होंने दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया है और अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है। बहरीन ने भी 21 मार्च से अब तक दो ड्रोन और दो मिसाइलें मार गिराने की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर बेस पर विमानों के बड़े नुकसान की खबरों को गलत बताया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने 48 घंटों के भीतर Strait of Hormuz को पूरी तरह नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट्स को तबाह कर दिया जाएगा।

तारीख घटना स्थान
22 मार्च 2026 74वीं लहर का हमला US फिफ्थ फ्लीट, बहरीन
23 मार्च 2026 75वीं लहर का हमला प्रिंस सुल्तान एयर बेस, सऊदी
23 मार्च 2026 मिसाइल इंटरसेप्ट सऊदी और बहरीन
23 मार्च 2026 तेहरान में धमाके ईरान (हवाई रक्षा सक्रिय)
23 मार्च 2026 मिसाइल का मलबा गिरा उत्तरी इजरायल