ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हाल ही में इसराइल और अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की एक नई लहर छोड़ी है. 2 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले के दौरान एक मिसाइल पर लगा अनोखा स्टीकर चर्चा का विषय बन गया है. इस स्टीकर में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और दिवंगत जेफरी एपस्टीन को एक साथ दिखाया गया है. ईरान की तरफ से यह हरकत मनोवैज्ञानिक युद्ध का एक हिस्सा मानी जा रही है.

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मिसाइल पर लगे विवादित स्टीकर और संदेश की सच्चाई

मिसाइल पर लगे इस स्टीकर में फारसी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में संदेश लिखे हुए थे. फारसी संदेश में लिखा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में बात करना एक जुआरी के मुंह से बहुत बड़ी बात है. अंग्रेजी संदेश में सीधे तौर पर ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा गया कि होर्मुज का इलाका उनके मुंह से कहीं ज्यादा बड़ा है. ईरान ने इस तरह के संदेशों और जेफरी एपस्टीन की तस्वीर का इस्तेमाल पश्चिमी नेताओं की छवि खराब करने के लिए किया है.

इस घटना से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विवरण जानकारी
हमले की तारीख 2 अप्रैल, 2026
हमलावर दल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)
निशाना इसराइल और अमेरिका के ठिकाने
तस्वीर में शामिल लोग बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप और जेफरी एपस्टीन

ईरान के सरकारी तंत्र द्वारा साझा की गई तस्वीरों में यह स्टीकर मिसाइल के लॉन्च होने से पहले उस पर चिपका हुआ दिखाई देता है. इससे पहले भी फरवरी 2026 में ईरान के एक सार्वजनिक चौक पर इसी तरह का बैनर देखा गया था जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू के साथ एपस्टीन को दिखाया गया था. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने भी पहले पश्चिमी देशों की नैतिक स्थिति पर सवाल उठाने के लिए एपस्टीन के मामलों का जिक्र किया था.