ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत में मौजूद सैन्य एयर बेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस खबर के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के हालात गंभीर हो गए हैं और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
ईरान के IRGC कमांडर अलीरेजा तंगसिरी ने जानकारी दी है कि उन्होंने UAE के अल मिन्हाद (Al-Minhad) और कुवैत के अली अल-सलेम (Ali al-Salem) एयर बेस को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इन ठिकानों पर मौजूद फ्यूल डिपो और विमानों के खड़े होने की जगह यानी हैंगर को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा दक्षिणी इजरायल के भी कुछ इलाकों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए जाने की बात कही गई है। यह हमला 21 मार्च 2026 को किए जाने का दावा किया गया है।
प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या होगा असर?
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी रहते हैं जो वहां काम करते हैं। इस तरह के सैन्य हमलों की खबरों से वहां रह रहे लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि अभी तक UAE या कुवैत की सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से आने वाली खबरों पर ही भरोसा करें।
