UAE Tanker Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमला, जॉर्डन और कतर ने जताई कड़ी आपत्ति

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई है। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के एक जहाज पर ईरान की ओर से मिसाइल दागी गई। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। जॉर्डन और कतर जैसे देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। अच्छी खबर यह है कि जहाज पर मौजूद चालक दल के किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई है और स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया।
हमले के पीछे का कारण और ताजा स्थिति
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला समुद्री सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ पूरी एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि वे यूएई द्वारा अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करते हैं। WAM द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के अंत से शुरू हुए इस तनाव के बाद से अब तक ADNOC के कुल 15 जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। इन पुरानी घटनाओं में एक कर्मचारी की जान भी जा चुकी है और 20 लोग घायल हुए थे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा पर संकट
यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन करार दिया है। मंत्रालय ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) पर समुद्री डकैती जैसे काम करने और जलमार्ग का उपयोग आर्थिक दबाव बनाने के लिए करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, कतर ने भी साफ कर दिया है कि वे जलमार्ग को दबाव बनाने का जरिया बनाने के बिल्कुल खिलाफ हैं और इसे तुरंत खोलने की मांग की है।
ईरान द्वारा समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने और सैन्यीकरण करने के कारण 28 फरवरी के बाद से ही आवाजाही बहुत कम हो गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले हफ्ते 50 जहाजों के मुकाबले इस हफ्ते केवल 33 जहाज ही वहां से गुजर सके। IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohebbi ने कहा है कि जलमार्ग तभी खोला जाएगा जब वॉशिंगटन उनकी शर्तों को मान लेगा। इस हमले से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिससे आम जनता और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है।