ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल हमला किया है। इस घटना के बाद इलाके में काफी अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जानकारी दी कि उन्होंने 9 जुलाई 2026 को दोपहर 2:20 बजे जॉर्डन के अल-अज़राक़ एयर बेस (Muwaffaq Salti Air Base) और वेस्ट एशिया में अमेरिकी कमांड सेंटर पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। IRGC ने दावा किया कि इन हमलों ने अमेरिकी सुविधाओं को तबाह कर दिया है और चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी हमले नहीं रुके तो आगे भी ऐसे एक्शन लिए जाएंगे।
दूसरी तरफ जॉर्डन की सेना ने इस हमले की पुष्टि की और बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही 8 मिसाइलों को मार गिराया। जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता Mohammad al-Momani ने कहा कि मिसाइलों के घुसने के बाद पूरे देश में सायरन बजा दिए गए थे ताकि लोगों को अलर्ट किया जा सके।
इस हमले के दौरान अमेरिका के जॉर्डन दूतावास ने अपने स्टाफ के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था। उन्होंने सभी कर्मचारियों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की सलाह दी क्योंकि आसमान में मिसाइल और ड्रोन देखे गए थे।
जॉर्डन की सेना ने साफ किया कि इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी पूरी तैयारी के साथ तैनात हैं और किसी को भी जॉर्डन की हवाई सीमा का उल्लंघन नहीं करने देंगे।
