खाड़ी देशों में ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों ने आम जनजीवन और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कुवैत में बिजली उत्पादन संयंत्रों, पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट और तेल केंद्रों पर सीधा हमला हुआ है। वहीं बहरीन में भी एक बड़ी तेल सुविधा को निशाना बनाया गया है। यूएई और कुवैत की सरकारों ने जानकारी दी है कि उनके सुरक्षा सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
कुवैत और बहरीन में किन जगहों पर पहुंचा नुकसान?
ईरान की ओर से किए गए हमलों में मुख्य रूप से ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस ने पिछले 24 घंटों में 9 बैलिस्टिक मिसाइलें, 4 क्रूज मिसाइलें और 31 ड्रोन को रोका है। बहरीन में बाप्को एनर्जी के स्टोरेज प्लांट में आग लगने की खबर आई है। हमलों का विवरण इस प्रकार है:
| देश | प्रभावित क्षेत्र/निशाना | नुकसान का विवरण |
|---|---|---|
| Kuwait | तेल मंत्रालय, गैस स्टेशन, बिजली घर, वाटर प्लांट | बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंची है |
| Bahrain | Bapco Energies, GPIC यूनिट | स्टोरेज और प्लांट में आग लगी |
| UAE | एल्युमीनियम उद्योग, पेट्रोकेमिकल प्लांट | इंटरसेप्टर से हमले नाकाम किए गए |
ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की क्या है प्रतिक्रिया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका कहना है कि यह ईरान के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों का बदला है। दूसरी तरफ कुवैत के अमीर ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि कुवैत ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने दिया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए बंद किया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे। खाड़ी देशों ने एक साथ मिलकर इन हमलों का विरोध किया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है।
- कुवैत के बिजली और पानी मंत्रालय ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला बताया है।
- बहरीन ने कहा है कि अब तक उसने कुल 174 मिसाइलें और 391 ड्रोन गिराए हैं।
- यूएई का रक्षा मंत्रालय किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- सऊदी अरब, कतर और जॉर्डन ने भी ईरान के इन हमलों की निंदा की है।
