सोशल मीडिया और कुछ विदेशी न्यूज़ चैनलों पर दावा किया जा रहा है कि ईरान आने वाले हफ्तों तक मौजूदा रफ़्तार से मिसाइलें दाग सकता है। हालांकि, अमेरिका और इज़रायल के रक्षा विभाग के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय में ईरान की मिसाइल क्षमता में भारी गिरावट देखी गई है और हमलों की संख्या भी कम हुई है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने की पुष्टि की है।
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ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?
पेंटागन के पूर्व अधिकारी Alex Plitsas के अनुसार, ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता अब काफी घट गई है। पहले जहां हर महीने लगभग 300 मिसाइलें बनती थीं, वहीं अब यह संख्या गिरकर 40 के करीब रह गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि हमलों की शुरुआत के बाद से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की दर में 90% तक की कमी आई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ईरान के पास अब बड़े और लगातार हमले करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं और वे अपने स्टॉक को बचाकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों के ताज़ा बयान
| संस्था या अधिकारी | प्रमुख जानकारी |
|---|---|
| अमेरिकी राष्ट्रपति | ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है |
| Israeli Defense Force (IDF) | ईरान के पास अब केवल 100 से 200 मिसाइल लॉन्चर ही बचे हैं |
| The Jerusalem Post | मिसाइल लॉन्च करने की रफ़्तार में 92% की गिरावट दर्ज की गई |
| JINSA रिपोर्ट | ईरान ने अपने लॉन्चरों का लगभग 75% हिस्सा खो दिया है |
इज़रायली सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब ईरान की तरफ से होने वाले हमलों में केवल एक या दो मिसाइलें ही दिखाई देती हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि ईरान के हवाई क्षेत्र पर अब इज़रायल और अमेरिका का काफी नियंत्रण है। मार्च के अंत तक के आंकड़े बताते हैं कि 60% से अधिक ईरानी मिसाइल लॉन्चर बेकार हो चुके हैं। सऊदी न्यूज़ द्वारा जारी किए गए ट्वीट में भले ही हमले जारी रहने की बात कही गई हो, लेकिन जमीनी हकीकत और सैन्य डेटा ईरान की कमज़ोर होती स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं।
