बहरीन और कुवैत में रविवार को अचानक खतरे के सायरन बजने से लोग घबरा गए. ईरान ने इन दोनों देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. इस हमले के बाद बहरीन सरकार ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और शांत रहने की सलाह दी.

यह पूरा मामला 28 जून 2026 की सुबह का है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने बताया कि उन्होंने सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय सहित 8 ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा उनके तटीय ठिकानों पर किए गए हमलों का जवाब था.

बहरीन और कुवैत का हाल

बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने चेतावनी सायरन बजाए ताकि लोग अपनी सुरक्षा कर सकें. बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है. इस हमले के कारण बहरीन के मुहर्रक गवर्नरकेट में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है, हालांकि अच्छी बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई.

वहीं कुवैत की सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन बताया है. कुवैत में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है.

अमेरिका की प्रतिक्रिया और तनाव

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जवाब में ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान की कोई भी मिसाइल या ड्रोन अमेरिकी संपत्तियों तक नहीं पहुंच पाया और उन्हें समय रहते रोक लिया गया.

इस पूरे विवाद की शुरुआत शनिवार 27 जून को हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य में एक पनामा-ध्वज वाले टैंकर ‘किकु’ पर ईरानी ड्रोन हमला हुआ था. इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया.

  • तारीख: 28 जून 2026
  • हमले का समय: सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच
  • निशाने: अमेरिकी सैन्य ठिकाने
  • नुकसान: बहरीन की एक रिहायशी इमारत में क्षति

दोनों देशों के बीच जून के मध्य में पाकिस्तान की मदद से एक समझौता हुआ था जिसे ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ कहा जाता है. लेकिन अब इस ताजा हमले के बाद यह समझौता खतरे में है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो वह शांति वार्ता पूरी तरह बंद कर देगा.