खाड़ी देशों में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ गया है। ईरान की तरफ से शनिवार, 6 जून 2026 को बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए। इस हमले के बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और साफ किया है कि वह बहरीन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह साथ खड़ा है।
ईरान ने बहरीन और कुवैत को कैसे निशाना बनाया?
शनिवार तड़के बहरीन में अचानक इमरजेंसी सायरन बजने लगे और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई। बहरीन की सुरक्षा टीम ने आसमान में ही तीन मिसाइलों और कई ड्रोनों को मार गिराया। दूसरी ओर, कुवैत ने सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने भी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, हालांकि मलबे गिरने से कुछ नुकसान की खबरें हैं। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान ने कुल सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से छह को सफलतापूर्वक रोक दिया गया।
UAE के विदेश मंत्रालय और GCC ने हमले पर क्या कहा?
UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को बहरीन की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने कहा कि इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने भी हमले को एक गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया। बहरीन ने स्पष्ट किया कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन है, जो खाड़ी देशों की सुरक्षा से जुड़ा है।
क्या है इस नए तनाव की मुख्य वजह?
यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिकी सेना ने कुछ समय पहले ही ईरान के रडार ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों की तरफ ये मिसाइलें दागीं। इस तनाव से खाड़ी देशों में काम करने वाले और अक्सर यात्रा करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने बहरीन और कुवैत पर हमला कब किया?
ईरान ने शनिवार, 6 जून 2026 की सुबह बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
इस हमले में कितना नुकसान हुआ है?
ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया। कुवैत में मलबा गिरने से कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन किसी बड़ी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
