UAE में रविवार, 12 जुलाई 2026 को ईरान की तरफ से आई मिसाइलों और ड्रोनों का सामना करना पड़ा. UAE की एयर डिफेंस सिस्टम ने इन खतरों को हवा में ही रोक दिया. सरकार ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करने को कहा है.
UAE के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जो आवाजें सुनाई दी थीं, वे मिसाइल और ड्रोन को रोकने के ऑपरेशन की थीं. इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और बिना पायलट वाले ड्रोन (UAVs) शामिल थे. नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने सुबह करीब 6:30 बजे अलर्ट जारी किया और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी.
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें. साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि हमले के बाद गिरे किसी भी मलबे के पास न जाएं. UAE सरकार ने इस हमले को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता का बड़ा उल्लंघन बताया है और कहा है कि वह इसका जवाब देने का अधिकार रखता है.
यह घटना खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुई है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का जवाब था. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान किया और धमकी दी कि वह अन्य दुश्मन ठिकानों को भी निशाना बना सकता है. इस दौरान बहरीन, कतर और जॉर्डन में भी हमलों की खबर आई या सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए.
