ईरान ने एक बार फिर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। यह हमला 4 मई 2026 को हुआ, जिससे 8 अप्रैल को हुई सीज़फायर की कोशिशें नाकाम हो गईं। इस हमले से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और दुनिया के बड़े देशों ने ईरान की इस हरकत पर कड़ा ऐतराज जताया है।

ईरान के हमले में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?

UAE के रक्षा मंत्रालय ने कन्फर्म किया कि ईरान ने 4 मई को कई मिसाइल और ड्रोन दागे। UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया। हालांकि, एक ड्रोन फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में गिरा जिससे वहां बड़ी आग लग गई। इस हादसे में 3 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा फुजैराह के पास एक खाली कच्चे तेल का टैंकर भी निशाने पर आया था।

दुनिया के बड़े नेताओं और देशों की क्या प्रतिक्रिया रही?

  • जर्मनी: चांसलर Friedrich Merz ने ईरान की निंदा की और कहा कि ईरान दुनिया को बंधक बनाना बंद करे। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी खत्म करने की मांग की।
  • ब्रिटेन: पीएम Keir Starmer ने तनाव कम करने की अपील की और कहा कि गल्फ की स्थिरता का असर ब्रिटेन पर भी पड़ता है।
  • अमेरिका: राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Project Freedom’ शुरू किया है ताकि व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने अभी तक बड़ी कीमत नहीं चुकाई है।
  • सऊदी अरब और EU: सऊदी अरब और यूरोपीय संघ ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और UAE के साथ अपनी एकजुटता जताई।

होर्मुज जलडमरूमध्य और नाकेबंदी का वर्तमान हालात क्या है?

ईरान ने फरवरी 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य में रास्ता रोका हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि अमेरिका का अब इस रास्ते पर पूरा कंट्रोल है और उन्होंने ईरानी नौसेना को लुटेरों की टोली बताया। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था बहुत खराब स्थिति में पहुंच गई है। अमेरिकी नौसेना के जहाजों ने इस रास्ते पर ईरानी नावों और मिसाइलों का सामना किया और हस्तक्षेप करने वाली 7 ईरानी नावों को तबाह कर दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE पर हुए हमले में कितने भारतीय घायल हुए हैं?

4 मई 2026 को हुए ड्रोन हमले के कारण फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में आग लग गई थी, जिसमें 3 भारतीय नागरिक मध्यम रूप से घायल हुए हैं।

अमेरिका का ‘Project Freedom’ क्या है?

यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और ईरान की नाकेबंदी को चुनौती देना है।